ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, खामेनेई अंडरग्राउंड शेल्टर में, मिडिल ईस्ट में US की बड़ी सैन्य तैनाती
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच सुप्रीम लीडर खामेनेई को अंडरग्राउंड शेल्टर में शिफ्ट किया गया। वहीं अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में युद्धपोत और फाइटर जेट्स तैनात किए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षा कारणों के चलते तेहरान स्थित एक अत्यंत सुरक्षित अंडरग्राउंड ठिकाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। सरकार से जुड़े दो वरिष्ठ सूत्रों का दावा है कि ईरानी सेना और खुफिया एजेंसियों ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका को गंभीर खतरे के रूप में आंका है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खामेनेई ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का एक हिस्सा अपने बेटे को सौंप दिया है। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, यह अंडरग्राउंड शेल्टर बेहद मजबूत संरचना वाला है, जिसमें कई आपस में जुड़े सुरंगनुमा रास्ते मौजूद हैं। सूत्रों का कहना है कि खामेनेई के तीसरे बेटे मसूद खामेनेई फिलहाल सुप्रीम लीडर कार्यालय के रोजमर्रा के कामकाज को संभाल रहे हैं और सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय का दायित्व भी उन्हीं के पास है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है। अमेरिकी नौसेना का USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group इस समय हिंद महासागर में तैनात है, जिसके जल्द ही अरब सागर या फारस की खाड़ी में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस स्ट्राइक ग्रुप में USS Spruance, USS Frank E. Petersen Jr. और USS Michael Murphy जैसे गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी शामिल हैं।
हवाई ताकत की बात करें तो इस युद्धपोत समूह में F-35C स्टील्थ फाइटर जेट्स और F/A-18E सुपर हॉर्नेट विमानों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त अमेरिका ने F-15E स्ट्राइक ईगल्स और ब्रिटेन ने टाइफून फाइटर जेट्स को भी क्षेत्र में भेजा है, जिससे सैन्य दबाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष अधिकारियों ने इस सैन्य तैनाती को एहतियाती रणनीति और शक्ति प्रदर्शन करार दिया है। उनका कहना है कि यह कदम ईरान को किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासतौर पर परमाणु कार्यक्रम और आंतरिक प्रदर्शनों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच। ट्रंप हाल ही में यह संकेत भी दे चुके हैं कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता है।
वहीं, ईरान ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका की ओर से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई होती है, भले ही वह सीमित स्तर पर ही क्यों न हो, तो उसे पूर्ण युद्ध माना जाएगा। इसी कारण ईरान ने अपनी सशस्त्र सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है। खामेनेई के अंडरग्राउंड शेल्टर में शिफ्ट होने की खबर को इसी बढ़ते टकराव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

