AI डर से IT शेयरों में भारी गिरावट | TCS, Infosys गिरे | 2 लाख करोड़ डूबे
AI को लेकर बढ़ती चिंता से भारतीय IT शेयरों में भारी गिरावट आई. TCS, Infosys, Wipro टूटे और बाजार में 2 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. जानें पूरी वजह और आगे क्या होगा.
आईटी शेयरों में भारी गिरावट: AI के डर से डगमगाया बाजार, 2 लाख करोड़ साफ
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में आईटी सेक्टर में तेज गिरावट देखने को मिली. यह गिरावट सिर्फ मुनाफावसूली नहीं थी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं का सीधा असर थी. शुरुआती कारोबार में बाजार भले ही मजबूत खुला हो, लेकिन कुछ ही मिनटों में आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई.
TCS के शेयर करीब 7% टूटे, Infosys में लगभग 8% की गिरावट आई, जबकि HCL Tech, Tech Mahindra और Wipro भी भारी दबाव में रहे. इस बिकवाली के कारण बाजार की कुल मार्केट वैल्यू करीब 2 लाख करोड़ रुपये घट गई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ. इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई एक नकारात्मक खबर मानी जा रही है.
अमेरिका से झटका: AI ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों में अचानक गिरावट तब आई, जब AI स्टार्टअप Anthropic ने एक नया उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल लॉन्च करने की घोषणा की. यह टूल दस्तावेजों की समीक्षा, डेटा प्रोसेसिंग, एनालिटिक्स और अन्य बैक-ऑफिस कामों को बेहद तेज और सटीक तरीके से कर सकता है.
यही वे काम हैं, जिन पर अब तक कई वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा प्रदाताओं पर निर्भर रही हैं. ऐसे में निवेशकों को यह डर सताने लगा कि AI के कारण आने वाले समय में पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग घट सकती है, जिससे भारतीय IT कंपनियों की कमाई प्रभावित हो सकती है.
ADRs में गिरावट से बढ़ा दबाव
इस चिंता का असर सबसे पहले अमेरिका में लिस्टेड भारतीय कंपनियों के ADRs (American Depository Receipts) पर दिखा. Infosys और Wipro के ADRs में रातोंरात तेज गिरावट दर्ज की गई.
ADRs विदेशी कंपनियों के शेयरों का अमेरिकी बाजार में ट्रेड होने वाला रूप होते हैं. जब इनमें गिरावट आती है, तो आमतौर पर अगले दिन भारतीय शेयर बाजार में भी उसी तरह की बिकवाली देखने को मिलती है. यही वजह रही कि मंगलवार को बाजार खुलते ही निवेशकों का मूड पहले से ही कमजोर था और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली.
क्या यह सिर्फ पैनिक सेलिंग है?
फिलहाल बाजार में दिखी यह गिरावट कंपनियों के मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन पर आधारित नहीं है, बल्कि भविष्य को लेकर डर और अनिश्चितता से प्रेरित है. हालांकि, यह साफ है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल ने निवेशकों को ज्यादा सतर्क बना दिया है.
आने वाले दिनों में आईटी कंपनियां AI को लेकर अपनी रणनीति, भविष्य की कमाई का अनुमान (Revenue Guidance) और क्लाइंट डिमांड पर जो बयान देंगी, वही बाजार की अगली दिशा तय करेगा.
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