कौन है Morticia Addams? सिगरेट से खामेनेई का पोस्टर जलाने वाली ईरानी लड़की की पूरी कहानी

सिगरेट से अली खामेनेई का पोस्टर जलाने वाली Morticia Addams कौन है? जानिए ईरान से कनाडा तक का उसका सफर, गिरफ्तारी और ईरानी क्रांति में उसकी भूमिका।

Jan 12, 2026 - 21:21
Jan 12, 2026 - 21:22
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कौन है Morticia Addams? सिगरेट से खामेनेई का पोस्टर जलाने वाली ईरानी लड़की की पूरी कहानी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हो रही सिगरेट पीती लड़की की तस्वीर उसी युवती की है, जो X पर Morticia Addams नाम के हैंडल से पोस्ट करती है। उसकी प्रोफाइल के मुताबिक, वह 25 साल की है, वर्तमान में कनाडा में रहती है और अपने बायो में खुद को Radical Feminist बताती है।

मोर्टिशिया एडम्स ने अपनी पोस्ट में बताया है कि उसे नवंबर 2019 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। हालांकि वह मूल रूप से ईरान की नागरिक है, लेकिन फिलहाल कनाडा में रह रही है। उसने ईरान के उन युवाओं और युवतियों से माफी भी मांगी है, जो आज भी अली खामेनेई की सरकार की गोलियों का सामना कर रहे हैं। मोर्टिशिया का कहना है कि वह इस बार ईरान में मौजूद नहीं है, इसलिए सीधे उस संघर्ष का हिस्सा नहीं बन सकी।

हाल के वर्षों में अवज्ञा, विद्रोह और प्रतिरोध को इतनी ताकत से दिखाने वाली तस्वीर शायद ही सामने आई हो। तस्वीर में खुले बाल, जो ईरान में अपने आप में विद्रोह का प्रतीक हैं, पहला संदेश देते हैं। दूसरा, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खामेनेई की तस्वीर को आग लगाना, और तीसरा, उसी जलते पोस्टर की आग से सिगरेट सुलगाना — ये तीनों प्रतीक मिलकर सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती बन जाते हैं। यह सिर्फ एक सिगरेट नहीं थी, बल्कि ईरानी शासन के अहंकार को सुलगाने वाला प्रतीक था।

इस तस्वीर ने ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। सोशल मीडिया पर यह युवती ईरानी प्रतिरोध का चेहरा बनकर उभरी है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह लड़की कौन है, जिसने सत्ता को इतनी खुली चुनौती दी।

सिगरेट से पोस्टर जलाने का विचार कैसे आया?

ईरानी क्रांति की पोस्टर गर्ल बन चुकी मोर्टिशिया एडम्स ने News18 से बातचीत में बताया कि यह आइडिया इंटरनेट शटडाउन से पहले आया था। उन्होंने कहा,
“मैं अपने ईरानी दोस्तों को बताना चाहती थी कि भले ही मैं उनसे दूर हूं, लेकिन मेरा दिल और मेरी आत्मा उनके साथ है। मैं दुनिया का ध्यान ईरान की ओर खींचना चाहती थी, जहां युवा लड़के-लड़कियां तानाशाही के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।”

यह वायरल वीडियो कनाडा के Richmond Hill, ओंटेरियो में शूट किया गया था।

“मैं उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी”

जब मोर्टिशिया से पूछा गया कि उस वक्त उनके मन में क्या चल रहा था, क्योंकि ईरान में सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध है, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
“ीमैं उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी। यह मेरे लिए अपमानजनक है। वह ईरान का तानाशाह है। ईरान में अगर कोई ऐसा करता है तो उसे मौत की सजा तक दी जा सकती है।”

महिलाओं का गुस्सा अब सड़कों पर है

मोर्टिशिया का कहना है कि ईरान में महिलाएं लंबे समय से अत्यधिक दबाव में जी रही हैं। जैसे ही उन्हें मौका मिला, वे खुलकर सड़कों पर उतर आईं ताकि दुनिया उनकी आवाज सुन सके। अब ईरान की महिलाएं अपने मानवाधिकार वापस चाहती हैं

यह सिर्फ Gen Z का नहीं, पूरे ईरान का आंदोलन है

मोर्टिशिया एडम्स ने स्पष्ट किया कि ईरान में जो हो रहा है, वह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि पूर्ण क्रांति है। इसे केवल Gen Z Protest कहना गलत होगा, क्योंकि इसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में डिजिटल ब्लैकआउट लागू है, इसलिए लोगों से सीधा संपर्क मुश्किल है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए दुनिया को सच्चाई दिखाई जा रही है।
“हम अली खामेनेई की विदाई चाहते हैं,” उन्होंने कहा।

ईरान से कनाडा तक का सफर

ईरान से कनाडा पहुंचने के बारे में मोर्टिशिया ने बताया कि वह शुरू से ही हिजाब को लेकर विरोधी रही है।
“एक दिन पुलिस मेरे घर आई। मेरे पिता ने दरवाजा खोला तो उन्हें धक्का दिया गया। मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। कई दिनों बाद मेरे परिवार ने पेरोल करवाई और मैं बाहर आई। कुछ समय बाद मैं ईरान से तुर्की चली गई और फिर मुझे कनाडा का वीजा मिल गया।”

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