ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, ट्रंप ने दिया खुला समर्थन और टैरिफ की धमकी
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर डोनाल्ड ट्रंप का खुला समर्थन। 2000 मौतों का दावा, 25% टैरिफ ऐलान और सैन्य कार्रवाई के संकेत।
ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में खुलकर बयान दिया है। मंगलवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरानी नागरिकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने लिखा,
“ईरान के देशभक्तों, विरोध जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो। मदद रास्ते में है।”
हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह मदद किस रूप में होगी।
अपने बयान में ट्रंप ने आगे कहा कि अत्याचार और हत्याओं में शामिल लोगों के नाम सुरक्षित रखे जाएं, क्योंकि उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की कथित हत्या रुकने तक ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी गई हैं। ट्रंप ने एक बार फिर “MIGA” यानी Make Iran Great Again का नारा भी दोहराया।
यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ईरान की धार्मिक नेतृत्व वाली सरकार हाल के वर्षों के सबसे बड़े जन आंदोलनों से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
आर्थिक संकट से भड़की आग
ईरान में फैली यह अशांति गहरे आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का नतीजा मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पिछले कम से कम तीन वर्षों में ईरानी सत्ता के सामने सबसे गंभीर आंतरिक चुनौती है। हालात उस समय और बिगड़े, जब बीते साल इजरायल और अमेरिका की ओर से हुए सैन्य हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव पहले ही बढ़ चुका था।
मंगलवार को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पहली बार स्वीकार किया कि दो हफ्तों से अधिक समय से जारी प्रदर्शनों में लगभग 2000 लोगों की जान जा चुकी है। रॉयटर्स से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की मौतों के लिए “आतंकवादी तत्व” जिम्मेदार हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मृतकों में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या कितनी है।
ट्रंप का आर्थिक दबाव और सैन्य संकेत
इस बीच सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई समेत अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
ईरान की ओर से टैरिफ को लेकर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चीन ने इस फैसले की आलोचना की है। ईरान पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों से जूझ रहा है और अपने अधिकांश तेल का निर्यात चीन को करता है। इसके अलावा तुर्की, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और भारत भी ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं।
बातचीत का दावा, आरोपों का दौर
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा है कि प्रदर्शनों के बावजूद अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से संपर्क बना हुआ है और वॉशिंगटन की ओर से आए प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। वहीं, ईरानी सरकार लगातार अमेरिका और इजरायल पर देश में अशांति भड़काने का आरोप लगाती रही है।
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