ईरान–अमेरिका तनाव: ट्रंप की धमकी के बीच मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका
ईरान में आंदोलन और ट्रंप की सैन्य धमकियों के बीच मिडिल ईस्ट में जंग का खतरा बढ़ा। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी, भारत ने हालात पर चर्चा की।
ईरान में चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार मिलिट्री धमकियों ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के संकेत और तेज कर दिए हैं। ट्रंप बार-बार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि तेहरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान ने खास तौर पर उन पड़ोसी देशों को चेताया है जो अमेरिका का साथ दे सकते हैं। इस बीच भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी अमेरिका की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और उसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया है।
नियमों की अनदेखी से खतरा बढ़ता है: ईरानी दूतावास
भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि अमेरिका द्वारा लगातार वैश्विक नियमों को तोड़ने पर दुनिया की चुप्पी खतरे को कम नहीं करती, बल्कि उसे और गंभीर बनाती है।
दूतावास ने कहा कि अमेरिका मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के खिलाफ एकतरफा फैसले ले रहा है, जिनमें अनुचित टैरिफ लगाना और 66 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से बाहर निकलना शामिल है।
ईरान का आरोप है कि इन कदमों से अंतरराष्ट्रीय नियम कमजोर हो रहे हैं और अगर देश अब भी निष्क्रिय रहे तो इसके दुष्परिणाम सभी को भुगतने पड़ेंगे—चाहे वे छोटे हों या आर्थिक रूप से मजबूत।
जयशंकर–अराघची बातचीत, हालात पर हुई चर्चा
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की।
दोनों नेताओं के बीच ईरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बदल रहे हालात पर चर्चा हुई।
बातचीत के बाद जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने ईरान और क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
हमारी सड़कों पर खून बह रहा है: ईरान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इजरायल और अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इजरायल लंबे समय से अमेरिका को युद्ध में घसीटने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इस बार वह अपने इरादे खुलकर जाहिर कर रहा है।
अराघची के अनुसार, ईरान में जारी हिंसा के पीछे इजरायल की भूमिका है और खुद इजरायल यह दावा कर चुका है कि उसने प्रदर्शनकारियों को हथियार मुहैया कराए।
उन्होंने कहा कि इन हथियारों के कारण सैकड़ों लोगों की जान गई है और राष्ट्रपति ट्रंप को अब यह समझना चाहिए कि हिंसा रोकने के लिए उन्हें किससे बात करनी चाहिए।
कतर से सैनिक हटा रहा अमेरिका, खतरे की आशंका
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर में स्थित अपने सबसे अहम सैन्य अड्डे अल-उदीद एयर बेस से कुछ सैनिकों और कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो वह यूएई, सऊदी अरब, तुर्किए और कतर जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा।
इस चेतावनी के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
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