MP News: इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप, 3 की मौत, 150 से ज्यादा लोग बीमार

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 3 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुद अस्पताल पहुंचे।

Dec 30, 2025 - 20:05
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MP News: इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप, 3 की मौत, 150 से ज्यादा लोग बीमार

MP News: इंदौर शहर को पीने का पानी लगभग 80 किलोमीटर दूर खरगोन जिले के जलुद स्थित नर्मदा पंपिंग स्टेशन से सप्लाई किया जाता है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिल जाने से संक्रमण फैल गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं।

इंदौर के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा क्षेत्र-1 के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से बीमार हुए सैकड़ों लोगों में से अब तक दो महिलाओं और एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। मृत महिलाओं की पहचान सीमा और उर्मिला के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी पीने के बाद दोनों महिलाओं को गंभीर डिहाइड्रेशन हुआ, जिसके चलते उनकी जान चली गई।
वहीं, एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई मरीज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। हालांकि, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुद मौके पर सक्रिय हैं और अपनी टीम के साथ पीड़ितों के इलाज की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

भागीरथपुरा में बीमारी का कहर

भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा जल और नालियों के दूषित पानी से फैली बीमारी का असर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार और शनिवार को दो महिलाओं की निजी अस्पतालों में मौत हो चुकी है, जबकि मंगलवार सुबह बुजुर्ग की जान गई।
हालांकि, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को अन्य बीमारियों से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में भय और नाराज़गी का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि 24 दिसंबर से उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हुई थी, जो अब तक करीब 150 लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी है। इनमें से 35 से अधिक मरीज सोमवार को ही अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

सोमवार शाम बड़ी संख्या में मरीजों के निजी अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने दवाइयों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

मंत्री विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर दिया आश्वासन

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देर रात वर्मा और त्रिवेणी अस्पताल पहुंचे, जहां 35 से अधिक मरीज भर्ती हैं। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। साथ ही जिन मरीजों ने पहले इलाज के लिए पैसे जमा कराए हैं, उन्हें रिफंड किया जाएगा।

बीमारी फैलने की संभावित वजहें

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, बीमारी फैलने को लेकर दो प्रमुख आशंकाएं सामने आई हैं—
पहली, वार्ड और आसपास के इलाकों में चल रहे खुदाई कार्य के दौरान ड्रेनेज लाइन के टूटने से गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया हो।
दूसरी, पानी की टंकी के दूषित होने की संभावना।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा-उषा कार्यकर्ता नर्मदा जल सप्लाई वाले क्षेत्रों में लगातार पानी के सैंपल ले रही हैं, लेकिन अब तक संक्रमण की ठोस वजह सामने नहीं आई है।

प्रशासन और स्थानीय लोगों की अपील

स्थानीय लोग फिलहाल उबालकर पानी पीने और सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। जहां परिजन दूषित पानी को सीधे तौर पर मौतों का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं CMHO डॉ. माधव हसानी का कहना है कि अभी तक मौतों का कारण डिहाइड्रेशन या उल्टी-दस्त होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन इन मामलों को अन्य स्वास्थ्य कारणों से जोड़कर जांच कर रहा है।

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