अवैध रेत खनन का आतंक: राजस्थान और मध्य प्रदेश में माफिया के आगे कानून बेबस

राजस्थान और मध्य प्रदेश में अवैध रेत खनन ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दे दी है। वनकर्मी की मौत, पुलिस पर हमले और पर्यावरण तबाही के बीच माफिया बेखौफ।

Jan 15, 2026 - 01:03
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अवैध रेत खनन का आतंक: राजस्थान और मध्य प्रदेश में माफिया के आगे कानून बेबस

देश में अवैध रेत खनन फिर बेलगाम, माफिया के आगे कानून बेबस

देश में अवैध रेत खनन का संकट एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है। राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में हालात इतने भयावह हो गए हैं कि अब आम नागरिक ही नहीं, बल्कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आजतक की पड़ताल में सामने आया है कि बीजेपी शासित इन राज्यों में रेत माफिया बेखौफ होकर खुलेआम अवैध खनन और परिवहन कर रहा है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक हफ्ते में दो लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक वन विभाग का कर्मचारी ड्यूटी के दौरान शहीद हुआ। कई जिलों में अधिकारी कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग पर्यावरणीय तबाही और बढ़ते आतंक के साए में जीने को मजबूर हैं।


धौलपुर: चंबल में वनकर्मी की कुचलकर हत्या

राजस्थान के धौलपुर जिले से सबसे दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन रोकने गए वन रक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को बजरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया।
यह घटना 8 जनवरी की रात की है, जब वन विभाग की टीम चंबल वन्यजीव अभयारण्य में गश्त कर रही थी।

भागने की कोशिश में ट्रैक्टर चालक ने वनकर्मी को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र सिंह को पहले करौली और फिर जयपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा। इलाज के दौरान 10 जनवरी की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बाद में बजरी माफिया रामसेवक उर्फ चालू को गिरफ्तार किया। प्रशासन ने जेसीबी से अवैध रास्ते बंद किए, लेकिन सवाल यही है कि क्या ये कदम स्थायी साबित होंगे?


अजमेर: सख्ती के दावे, ज़मीनी हकीकत अलग

धौलपुर की घटना के बाद अजमेर प्रशासन अलर्ट मोड में आया। जिला कलेक्टर लोकबंधु ने अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें बनाई गईं। पुष्कर, केकड़ी और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी हुई, कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गईं और लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया।

हालांकि प्रशासन के दावों के बावजूद स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियां अब भी थमती नहीं दिख रहीं।


अलवर: अरावली की पहाड़ियां माफिया के निशाने पर

अलवर जिले में अरावली पर्वतमाला को रेत और पत्थर माफिया तेजी से खोखला कर रहा है। राजगढ़ क्षेत्र के मूनपुर गांव में बालाजी मंदिर के पास खुलेआम पत्थर खनन चल रहा है।
सुबह होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खनन में लग जाती हैं और भारी वाहन बिना रोक-टोक सड़कों पर दौड़ते हैं।

पुलिस की कार्रवाई से बचने के दौरान माफिया ने एक घर की नींव तक तोड़ दी, जिससे तीन बकरियों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि माफिया को किसी कानून का डर नहीं और पर्यावरण को अपूरणीय नुकसान हो रहा है।


बारां: अवैध बजरी बाजार पर छापा, सवाल बरकरार

बारां शहर में पुलिस ने अंबेडकर सर्किल के पास चल रहे अवैध बजरी बाजार पर कार्रवाई करते हुए 12 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ीं। इनमें से 8 अवैध पाई गईं।
हालांकि चार बिना रजिस्ट्रेशन वाली ट्रॉलियों को छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन बस्ती से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हो रहा है। ब्लास्टिंग से घरों में दरारें आ चुकी हैं, लेकिन शिकायतों पर प्रशासन खामोश है।


श्योपुर: वन विभाग पर पथराव, सड़क हादसे में मौत

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में चंबल अभयारण्य की टीम ने अवैध रेत से भरा एक डंपर पकड़ा। जब उसे जब्त कर ले जाया जा रहा था, तब माफिया ने पथराव कर वाहन छुड़ाने की कोशिश की।
इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

इसी जिले के विजयपुर क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार बेटे को कुचल दिया, जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी चालक अब तक फरार है।


रतलाम: पुलिस पर हमला, बीजेपी पार्षद जेल में

रतलाम में अवैध रेत परिवहन की सूचना पर पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी। तभी 15 से ज्यादा लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस पर पथराव कर दिया।
इस दौरान ट्रॉली पलटने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

मामले में बीजेपी पार्षद जगदीश प्रजापत को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।


मुरैना–भिंड: चंबल में दिन-रात रेत की लूट

मुरैना और भिंड जिले चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन का सबसे बड़ा केंद्र बन चुके हैं। चौबीसों घंटे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नदी से रेत निकालकर बाजार तक पहुंचा रही हैं।
खनिज विभाग की कार्रवाई कागजों तक सीमित दिखती है। अधिकारी शिकायत मिलने पर जांच की बात कहते हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।


जबलपुर: अफसरों को कुचलने की धमकी

जबलपुर में अवैध खनन की जांच करने पहुंचे तहसीलदार और खनिज विभाग की टीम को माफिया ने ट्रक से कुचलने की धमकी दी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। खनन कारोबारी रोहित जैन को गिरफ्तार किया गया, लेकिन सवाल कायम है—माफिया इतना निडर क्यों है?


बड़ा सवाल: रेत माफिया इतना ताकतवर कैसे?

आजतक की इस जांच से साफ है कि अवैध रेत खनन अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
जब सरकारी अफसरों की जान सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

सरकारें कार्रवाई के दावे कर रही हैं, लेकिन जब तक रेत माफिया पर स्थायी और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक चंबल, अरावली और नर्मदा जैसी जीवनदायिनी नदियां इसी तरह लुटती रहेंगी।

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