ईरान-इजरायल तनाव: ट्रंप की चेतावनी पर ईरानी राष्ट्रपति का पलटवार, बोले– हमलावर को होगा पछतावा
इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान-इजरायल तनाव तेज हो गया है। ट्रंप की धमकी पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है।
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर है। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला किया, जिसमें करीब 12 दिनों तक सैन्य, परमाणु और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। इसके बाद अमेरिका भी इस संघर्ष में कूद पड़ा और ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर ठिकानों पर हवाई हमले किए।
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लोरिडा में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान के रवैये में बदलाव नहीं आया, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
ईरान की खुली चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप के संभावित हमले की धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। बिना किसी देश या नेता का नाम लिए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी हमले का सख्त जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने लिखा,
“इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर किसी भी तरह का हमला हुआ, तो उसका जवाब कड़ा होगा और हमलावर को इसका पछतावा होगा।”
ट्रंप बोले– पहले से भी ज्यादा बड़ा हमला हो सकता है
सोमवार को नेतन्याहू से मुलाकात के बाद जब ट्रंप से ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन यदि यह सही साबित हुआ, तो नतीजे बेहद खतरनाक होंगे।
ट्रंप ने कहा,
“संभव है कि अगला हमला पिछली बार से भी ज्यादा तगड़ा हो। ईरान को पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था। हमने उसे मौका दिया था, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होगा।”
अमेरिका की सीधी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल या परमाणु कार्यक्रम को दोबारा खड़ा करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका एक और सैन्य कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
जब उनसे पूछा गया कि अगर इजरायल ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर हमला करता है तो क्या अमेरिका उसका समर्थन करेगा, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि
यदि ईरान अपनी परमाणु क्षमताओं को फिर से बढ़ाने की कोशिश करता है, तो अमेरिका इजरायल के हमले का पूरा समर्थन करेगा।
पांचवीं बार हुई ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच यह मुलाकात फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो अपार्टमेंट में हुई। इस साल दोनों नेताओं की यह पांचवीं बैठक थी, जिसमें ईरान सबसे बड़ा मुद्दा रहा।
22 जून को अमेरिकी हमले, फिर हुआ सीजफायर
गौरतलब है कि 13 जून 2025 को इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला शुरू किया था, जो करीब 12 दिनों तक चला। इसके बाद 22 जून को अमेरिका ने नतांज, फोर्डो और इस्फहान स्थित ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की।
लगभग 24 दिनों तक चले तनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच सीजफायर का ऐलान किया गया था।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

