Delhi Digital Arrest Fraud: बुजुर्ग डॉक्टर दंपति से 14.85 करोड़ की ठगी, 700 म्यूल अकाउंट्स का खुलासा
दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया। बुजुर्ग डॉक्टर दंपति से 14.85 करोड़ की ठगी, 1.9 करोड़ फ्रीज और 700 से ज्यादा म्यूल बैंक अकाउंट का खुलासा।
दिल्ली में सामने आए एक बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड ने सभी को चौंका दिया है। इस मामले में जालसाजों ने एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपति से 14.85 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 1.9 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। जांच में 700 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए रकम घुमाने वाले संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक के सबसे जटिल डिजिटल अरेस्ट मामलों में से एक है, जिसमें पैसों को छिपाने के लिए मल्टी-लेयर बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
कई राज्यों में फैला म्यूल अकाउंट नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम सबसे पहले सात प्राइमरी बैंक अकाउंट्स में भेजी गई थी, जो गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तराखंड में स्थित थे। इसके बाद इन खातों से पैसों को तेजी से 200 से 300 अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।
आगे चलकर रकम को कई लेयर में अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स के जरिए घुमाया गया, ताकि मनी ट्रेल को जटिल बनाया जा सके और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
ट्रांजैक्शन का पूरा ट्रेल
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस मल्टी-लेयर्ड नेटवर्क ने पैसों की ट्रैकिंग को बेहद मुश्किल बना दिया है। पुलिस की विशेष टीमें बैंकों और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) के सहयोग से हर ट्रांजैक्शन का गहन विश्लेषण कर रही हैं।
जांच में सामने आया है कि:
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26 दिसंबर को असम के गुवाहाटी (जालुकबारी) में 1.99 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए
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29 और 30 दिसंबर को गुजरात के वडोदरा (समा सावली) में लगातार दो-दो करोड़ रुपये भेजे गए
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2 जनवरी को 2 करोड़ रुपये ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार पहुंचे
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5 जनवरी को 2.05 करोड़ रुपये मुंबई के नेपियन सी रोड स्थित एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए
इस तरह अलग-अलग राज्यों में रकम घुमाकर म्यूल अकाउंट्स का एक बड़ा जाल तैयार किया गया, जिसकी संख्या अब 700 से ज्यादा हो चुकी है।
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
फिलहाल दिल्ली पुलिस सभी लिंक्ड बैंक अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की कोशिश में जुटी है। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, लेकिन जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
यह मामला 9 जनवरी को सामने आया, जब साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले 81 वर्षीय ओम तनेजा और उनकी 77 वर्षीय डॉक्टर पत्नी इंदिरा तनेजा को ठगी का अहसास हुआ।
16 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया
पीड़ित दंपति ने पुलिस को बताया कि उन्हें 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस दौरान जालसाजों ने लगातार उनकी निगरानी की और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर कराई।
ठगों ने खुद को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर संपर्क किया। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर दंपति को डराया गया और वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
शेल कंपनियों और फर्जी संस्थाओं का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि कई म्यूल अकाउंट टूर एंड ट्रैवल कंपनियों, रिक्रूटमेंट फर्मों और चैरिटेबल संस्थाओं के नाम पर खोले गए थे। कुछ खाते शेल एंटिटी से जुड़े थे, जिनमें किसी तरह की वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं थी।
वहीं, कुछ अकाउंट शुरुआत में वैध उद्देश्य से खोले गए थे, लेकिन बाद में उनका गलत इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इन सभी खातों से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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